बांदा में रोडवेज का आरएम घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, क्लर्क से मांगे थे दस हजार

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अर्पित श्रीवास्तव की रिपोर्ट

तिन्दवारी । बांदा में एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को रोडवेज आरएम (क्षेत्रीय प्रबंधक) संजीव कुमार अग्रवाल को 10 हजार रुपए घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। दो महीने पहले विभाग के एक लिपिक ने घूसखोरी की शिकायत की थी। शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

बबेरू कोतवाली के नहर पटरी जमुनिहापुरवा निवासी रमेश कुमार वर्मा रोडवेज आरएम कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक हैं। वह लीगल (विधि अनुभाग) काम देखते हैं। रमेश कुमार वर्मा का वेतन कनिष्ठ लिपिक से कम है। इस विसंगति का संशोधन काफी समय से लंबित था, जिसके एवज में आरएम ने क्लर्क से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।

क्लर्क ने हामी भरने के साथ ही इसकी शिकायत एंटी करप्शन से कर दी। इस पर लखनऊ के अधिकारियों के निर्देश पर झांसी से आई एंटी करप्शन टीम मंगलवार सुबह सबसे पहले क्लर्क से मिली। पूर्व योजना के तहत केमिकल लगे 10 हजार रुपए के नोट क्लर्क को दिए। दोपहर करीब डेढ़ बजे योजनाबद्ध तरीके से आरएम को घूस लेते एंटी करप्शन टीम ने पकड़ लिया।

टीम कार्यालय के दस्तावेज कब्जे में लेते हुए आरएम को शहर कोतवाली ले गई, जहां रिपोर्ट दर्ज कराई। एंटी करप्शन टीम में इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर अमरीश यादव, इंस्पेक्टर प्रेम कुमार, हेड कांस्टेबल राजबहादुर, हेड कांस्टेबल क्रांतिकुमार, हेड कांस्टेबल बीना सिंह, ड्राइवर निरंजन सिंह शामिल थे।

वेतन बनने के बावजूद नहीं किया डिस्पैच

क्लर्क रमेश ने बताया कि उसने वेतन के सबंध में जुलाई में प्रार्थना पत्र दिया था। सर्कुलर के हिसाब से वेतन तो बन गया पर आरएम उसे डिस्पैच नहीं कर रहे थे। एंटी करप्शन टीम की जांच में वेतन संशोधन का तैयार पत्र भी आरएम के पास से मिला।

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